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मध्यप्रदेश राज्य आजीविका फोरम रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम

मध्यप्रदेश में आजीविका के लिए विभिन्न रोजगार और स्व-रोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आजीविका संबंधी विभिन्न योजनाओं को सम्मिलित कर समन्वित रूप से एक छत के नीचे क्रियान्वयन के उद्देय से मध्यप्रदेश राज्य आजीविका फोरम की शुरुआत एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है। राज्य आजीविका फोरम का पंजीयन सोसायटी एक्ट के अंतर्गत किया गया है। शासन द्वारा स्व-सहायता समूह संवर्धन नीति एवं रोजगारोन्मुखी प्राक्षिण नीति-2007 लागू की गई है। मध्यप्रदेश राज्य आजीविका फोरम के गठन का मुख्य उद्देय प्रदेश में आजीविका से संबंधित क्षेत्रों में बेहतर लाभ के अवसर सृजित करना तथा प्रदेश के युवाओं को प्राक्षिित किया जाकर स्व-रोजगार सुनिचित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। फोरम के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में आजीविका संबंधी विभिन्न कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं। इसके अंतर्गत वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन.आर.एल.एम.), महिला किसान साक्तीकरण परियोजना (एस.के. एस.पी.), एस.जी.एस.वाई. विोष परियोजना, राज्य एस.जी.एस.वाय., समन्वित आजीविका क्रियान्वयन कार्यक्रम, रोजगारोन्मुखी प्राक्षिण कार्यक्रम आदि योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

रोजगारोन्मुखी प्राक्षिण नीति-

2007 : माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन की पहल पर अधिक से अधिक रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश में पहली बार रोजगारोन्मुखी प्राक्षिण नीति तैयार की गई है। शासन के विभिन्न विभागों के मंत्रियों तथा अधिकारियों द्वारा व्यापक विचार-विर्मा कर नीति को अंतिम रूप दिया गया है। रोजगारोन्मुखी प्राक्षिण नीति सम्पूर्ण प्रदेश में 1 नवम्बर 2007 से प्रभावाील है।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा शक्षिण एवं प्राक्षिण व्यवस्था को अधिक क्षेत्र में जोड़ने की पहल के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बाजार, उद्योग तथा पर्यटन की मांग के अनुरूप प्रदेश के युवाओं का कौशल उन्नयन कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़े जाने के लिए निम्नानुसार कार्य किया जा रहा है-

कौशल उन्नयन प्राक्षिण एवं नियोजन

  • बाजार एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप रोजगार के इच्छुक युवक-युवतियों का कौशल उन्नयन प्राक्षिण आयोजित कर उनकी क्षमता का विकास करना।

  • प्राक्षिित युवाओं का मान्यता प्राप्त संस्थाओं से कौशल प्रमाणीकरण कराना।

  • प्राक्षिण के बाद युवक, युवतियों को नियोजन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना।

  • कार्यस्थल पर रोजगार प्राप्त युवक-युवतियों को उचित वातावरण प्रदाय करने में सहयोग।

कौशल उन्नयन प्राक्षिण और स्वरोजगार

  • बाजार एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रत्येक जिले में आर-सेटी/रूडसेटी स्थापित की गई है।

  • आर-सेटी के माध्यम से स्वरोजगार के इच्छुक युवक-युवतियों को नि:शुल्क आवासीय प्राक्षिण प्रदाय कर उनका क्षमता वर्धन करना।

  • राज्य स्तर पर बैंक के साथ समन्वय। 

  • बैंक की सहायता से बैंक लिंकेज कराना एवं स्वरोजगार स्थापित करना।

  • प्राक्षिित युवक-युवतियों का कौशल प्रमाणीकरण करना।

  • स्वरोजगार स्थापित करने के पचात् सहयोग प्रदान करना।

रोजगार मेला

  • प्रदेश के अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल युवाओं को प्रदेश और देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं को आमंत्रित कर ब्लॉक तथा संकुल स्तर पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है।

  • रोजगार मेले आयोजित कर ग्रामीण युवाओं को योग्यता के अनुरूप  प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में नि:शुल्क रोजगार दिलाना।

  • निचित रोजगार के लिए जिला तथा विकासखण्ड मुख्यालयों पर युवाओं को रोजगार के लिए साक्षात्कार और चयन का कार्य नि:शुल्क रूप से करना।

  • कार्यस्थल पर उचित वातावरण का निर्माण करने में युवाओं को सहयोग।

भारतीय सेना में नियोजन के अवसर

  • ग्रामीण युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती के संबंध में नि:शुल्क जागरूकता अभियान तथा मार्गर्दान प्रदाय करना।

  • भारतीय सेना में भर्ती के लिए ग्रामीण युवाओं को नि:शुल्क प्राक्षिण के माध्यम से सक्षम बनाना।

  • भारतीय सेना के विभिन्न अंगों जैसे-वायु सेना, थल सेना और नौ सेना के भर्ती बोर्ड के साथ समन्वय कर ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क रैली का  आयोजन ।

  • रैली के माध्यम से युवाओं का नि:शुल्क चयन कर रैली के अगले चरण तक पहुंचाना ।

  • उपरोक्त रोजगार तथा स्व-रोजगार कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए निम्न से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है ।

 

रोजगारोन्मुखी प्राक्षिण नीति-2007

  • म.प्र. शासन द्वारा शक्षिण एवं प्राक्षिण व्यवस्था को आर्थिक क्षेत्र से जोड़ने की पहल।

  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा रोजगारोन्मुखी प्राक्षिण नीति-2007

  • बाजार, उद्योग, पर्यटन की मांग के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को प्राक्षिित कर तथा कौशल विकास द्वारा उनके रोजगार अवसरों में वृद्धि करना।

  • रोजगार के इच्छुक कुशल, अकुशल, शक्षिित तथा अशक्षिित व्यक्तियों का पंजीयन रोजगार कार्यालय अथवा ग्राम पंचायत के माध्यम से कराने की व्यवस्था।

  • युवाओं को बेहतर रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ना।

  • प्राक्षिण के लिए उपलब्ध संसाधनों में वृद्धि कर उनके प्रभावी उपयोग को सुनिचित करना।

  • कौशल उन्नयन, प्राक्षिण, प्रमाणीकरण एवं नियोजन के लिए शासकीय, निजी शक्षिण संस्थाओं तथा उद्योगों से निरंतर सहयोग प्राप्त करना।

  • बी.पी.एल. सदस्यों के प्राक्षिण कार्यक्रमों पर होने वाला शत-प्रतिशत व्यय शासन द्वारा।

ग्रामीण स्व-रोजगार प्राक्षिण संस्थान

  • यदि आप अपने ही गांव में रहकर स्वरोजागर चाहते हैं तो आर-सेटी के माध्यम से गांव में ही रहकर नि:शुल्क प्राक्षिण प्राप्त कर सकते हैं।

  • आर-सेटी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में समय-समय पर संचालित योजनाओं के संबंध में नि:शुल्क मार्गर्दान।

  • रोजगार मेला

  • यदि आप प्रदेश एवं देश की किसी प्रतिष्ठित संस्थान में रोजगार चाहते हैं तो ग्रामीण युवाओं को शासकीय, अर्द्धाशसकीय एवं निजी संस्थानों में नि:शुल्क प्राक्षिण दिलाकर रोजगार दिलाना।

  • प्रदेश एवं देश की प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों को आमंत्रित कर ब्लॉक एवं संकुल स्तर पर रोजगार मेले आयोजित करना।

  • ग्रामीण युवाओं को योग्यता के अनुरूप रोजगार मेले आयोजित कर प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में नि:शुल्क रोजगार दिलाना।

कौशन उन्नयन प्राक्षिण के माध्यम से सुनिचित रोजगार

            यदि आप में दृढ़ इच्छाशक्ति, हुनर, समय के अनुसार चलने की गति एवं रोजगार पाने की ललक है तो -

  • रोजगार के इच्छुक युवक/युवतियों का कौशल उन्नयन प्राक्षिण आयोजित कर क्षमता का नि:शुल्क विकास।

  • बाजार एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को प्राक्षिित कर नि:शुल्क नियोजन।

  • प्राक्षिण के पचात युवक-युवतियों को नि:शुल्क अवसर उपलब्ध कराना।

  • प्रदेश के प्रत्येक युवाओं को नि:शुल्क रोजगार उपलब्ध कराना।

  • स्व-सहायता समूह संवर्धन

  • समूह के विकास के लिए सुविधाजनक वातावरण का निर्माण करना।

  • एक जैसी गतिविधि क्रियान्वित करने वाले परिवारों को एक छत के नीचे लाना।

  • साधनहीन लोगों के समूहों को साक्त बनाना।

  • सेना रैली

  • भारतीय सेना में भर्ती के लिए ग्रामीण युवाओं को नि:शुल्क प्राक्षिण के माध्यम से सक्षम बनाना।

 

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